आज के बच्चे मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स से घिरे हैं, और कई माता-पिता चिंतित रहते हैं कि उनके बच्चे किताबें या कहानियाँ पढ़ना पसंद नहीं करते। अच्छी बात यह है कि थोड़े धैर्य और सही तरीकों से बच्चों में पढ़ने का शौक़ जगाया जा सकता है। यहाँ माता-पिता के लिए दस आसान टिप्स दिए गए हैं।
1. ख़ुद पढ़ते हुए दिखें
बच्चे वही सीखते हैं जो देखते हैं। अगर वे आपको पढ़ते हुए देखेंगे, तो उन्हें लगेगा कि पढ़ना एक सामान्य और मज़ेदार काम है।
2. साथ में पढ़ें
छोटे बच्चों के साथ बैठकर कहानी पढ़ें या पढ़कर सुनाएँ। आवाज़ बदल-बदलकर किरदारों के संवाद बोलें। यह बच्चे और माता-पिता के बीच का सबसे प्यारा समय बन सकता है।
3. उम्र के हिसाब से कहानियाँ
बहुत कठिन या बहुत लंबी कहानियाँ बच्चे को ऊबा सकती हैं। उनकी उम्र और रुचि के हिसाब से कहानियाँ चुनें — छोटे बच्चों के लिए चित्रों वाली छोटी कहानियाँ, बड़े बच्चों के लिए रोमांच और रहस्य वाली कहानियाँ।
4. उनकी पसंद को महत्व दें
अगर बच्चे को जानवरों की कहानियाँ पसंद हैं, तो वही पढ़ने दें; अगर उसे सुपरहीरो पसंद हैं, तो वैसी कहानियाँ ढूँढें। पढ़ने का शौक़ पहले बनाना ज़रूरी है, “सही” किताबें बाद में आ जाएँगी।
5. क्लासिक भारतीय कहानियाँ
पंचतंत्र, जातक कथाएँ, अकबर-बीरबल और विक्रम-बेताल जैसी कहानियाँ छोटी, रोचक और सीख देने वाली होती हैं। पढ़ें: पंचतंत्र की कहानियाँ और विक्रम-बेताल।
6. सोने से पहले की कहानी
रोज़ सोने से पहले एक कहानी पढ़ने या सुनाने की परंपरा बनाएँ। धीरे-धीरे बच्चा इस पल का इंतज़ार करने लगेगा। पढ़ें: सोने से पहले कहानी पढ़ना।
7. पढ़ने को इनाम बनाएँ, सज़ा नहीं
“पहले पढ़ो, फिर खेलना” कहने से पढ़ना बोझ लगने लगता है। इसकी जगह पढ़ने को एक विशेष, आनंददायक समय बनाएँ।
8. कहानी पर बात करें
कहानी के बाद पूछें — “तुम्हें कौन-सा किरदार अच्छा लगा?”, “अगर तुम वहाँ होते तो क्या करते?” इससे बच्चे की सोचने और बोलने की क्षमता बढ़ती है।
9. ऑडियो कहानियों का साथ
ऑडियो कहानियाँ भी बच्चों को कहानियों से जोड़ने का अच्छा ज़रिया हैं, ख़ासकर सफ़र में। लेकिन स्क्रीन टाइम का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है। ऑडियो कहानियों के फ़ायदे यहाँ पढ़ें।
10. धैर्य रखें
हर बच्चा अलग होता है। कुछ बच्चे जल्दी पढ़ने लगते हैं, कुछ को समय लगता है। ज़बरदस्ती न करें; प्यार और धैर्य से शौक़ अपने आप बढ़ेगा।
एक ज़रूरी बात
Story FM पर मौजूद कई नॉवेल्स बड़ों के लिए लिखी गई हैं और उनमें हिंसा, रोमांस या डरावने दृश्य हो सकते हैं। बच्चों के लिए कहानी चुनते समय उसका genre और विषय ज़रूर देख लें, और छोटे बच्चों के लिए उनकी उम्र के हिसाब से लिखी गई किताबें चुनें।
निष्कर्ष
बच्चों में पढ़ने की आदत डालना उन्हें ज़िंदगी भर का एक अनमोल तोहफ़ा देना है। आज से रोज़ एक छोटी कहानी साथ पढ़ने की शुरुआत कीजिए। और अपने लिए पढ़ने की आदत पर हमारा लेख पढ़ने की आदत कैसे डालें पढ़िए।








